Motvational Thought

दिल की बात ( शायरी )

 हेलो दोस्तो  नमस्कार स्वागत है आप सभी का Sksranith999 में, मेरा नाम सुनील शर्मा है 

दोस्तो प्यार हर इंसान को होता है और प्यार की कोई उम्र नहीं होती कई लोगों का प्यार सफल हो जाता है कई लोग प्यार में असफल हो जाते हैं प्यार शुरू से चला आ रहा है और हमेशा चलता ही रहेगा  प्यार की कोई सीमा नहीं होती प्यार की कोई उम्र नहीं होती और जहाँ प्यार होता है वहां शायरी का होना लाजमी है तो हम आपके लिए लेकर आए हैं कुछ ऐसी ही प्यार में सफल हुए और असफल ही लोगों की शायरी उम्मीद करते हैं दोस्तों आपको ये शायरियां ज़रूर बहुत पसंद आयेंगे 


ज़िंदगी है नादान इसीलिए चुप हूँ 
दर्द ही दर्द है सुबह शाम इसीलिए चुप हूँ 
कह तो दूं  ज़माने से दास्तान अपनी 
 मगर उसमें आएगा तेरा नाम इसलिए चुप हूँ 


बहुत कम होते हैं ऐसे जिन्हें सच्ची चाहत की पहचान होती है किसी पे मरने से पहले सोच लेना गंवाने के लिए सिर्फ एक ही जान होती है  


आप मुझे भूल भी जाओ तो ये हक है आपको 
मेरी बात और है मैंने तो मोहब्बत की है 


हर कदम पर इम्तिहान लेती है ज़िन्दगी 
हर वक़्त नए सदमे देती है ज़िन्दगी
 हम ज़िंदगी से  शिकवा भी  कैसे करें 
आप जैसा नायाब तोहफा भी तो देती है ज़िन्दगी 


मुहब्बत सबको मिल जाए जरुरी तो नहीं 
वो भी हमें चाहे जरुरी तो नहीं 
कुछ लोग बहुत याद आते हैं दिल को 
 हम भी उनकी याद बन जाएं जरुरी तो नहीं 


ज़िंदगी है नादान इसीलिए चुप हूँ 
दर्द ही दर्द है सुबह शाम इसीलिए चुप हूं 
कह तो दूं ज़माने से दास्तान अपनी
 मगर उसमें आएगा तेरा नाम इसीलिए चुप हूं 


जब कभी तन्हाई में आपकी याद आती है 
तब मेरे होठों पर एक ही फरियाद आती है 
खुदा आपको जिंदगी में हर ख़ुशी दे
 क्योंकि आज भी हमारी हर ख़ुशी आपके बाद आती है 


इश्क करने वाले आंखों से आंखों की बात समझ लेते हैं 
सपने में मिल जाएं तो मुलाकात समझ  लेते है
 रोता तो ये आसमान भी है अपनी ज़मीन के लिए
 पर लोग इसके आंसुओं को बरसात समझ लेते हैं 


अधूरे मिलन की आस है ये ज़िन्दगी
 दुख दर्द का एहसास है ये ज़िन्दगी
 हकीकत में न सही ख्वाबों में ही आ जाओ
 क्योंकि तुम्हारे बिन उदास है ये ज़िन्दगी 


जीवन में खुशियां ही खुशियां लेकर आऊंगा 
पतझड़ में भी  बहार लेकर आऊंगा
 जब भी पुकारोगी नाम मेरा तो 
मौत से भी ज़िंदगी उधार लेकर आऊंगा 


जो हद से ना गुजर जाए वो प्यार ही क्या
 जो प्यार करने पर मजबूर न कर दे वो इज़हार ही क्या
 यार तो बहुत मिल जाते हैं इस दुनिया में संगदिल
 पर जो साँसें टूटने तक साथ न दे वो यार ही क्या 


आप गैरों की बात करते हों
 हमने अपनो को आजमाया है
 लोग तो काँटों से बचकर निकलते हैं 
हमने तो फूलों से जख्म खाया है 


गर्मी है सर्दी है ये  कुदरत के नजारे होते हैं 
अरे प्यासे तो वो भी होते हैं 
जो समंदर के किनारे होती है 


रोज टांके उधेड़े जाते हैं
 रोज में जख्मी जिगर को सीता हूं
 न जाने लोग क्या पढ़ना चाहते हैं 
अरे मैं ना कुरान हूं  न गीता हूं 


उन्हें तो फुर्सत नहीं है मिलने की हमसे 
और हमारा वक़्त गुज़रता है उन्हें ही याद करके
 अगर वो आ जाए कभी मेरे मरने के बाद
 तो कह देना सो गया मैं अभी उन्हें ही याद करके 


हा जी दोस्तों तो ये थी आपके लिए कुछ स्पेशल शायरियां अगर आपको पसन्द आई हों तो कृपया कमेंट करके हमारा मनोबल बढ़ाएं धन्यवाद 


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Milan Tomic

Hi. I’m Designer of Blog Magic. I’m CEO/Founder of ThemeXpose. I’m Creative Art Director, Web Designer, UI/UX Designer, Interaction Designer, Industrial Designer, Web Developer, Business Enthusiast, StartUp Enthusiast, Speaker, Writer and Photographer. Inspired to make things looks better.

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